Red Moon 2025: क्या है यह ब्लड मून और क्यों यह लाल दिखाई देता है? जानिए।

Red Moon 2025 ख़ून जैसा लाल चाँद
आसमान में होने वाली विभिन्न खगोलीय घटनाएँ हमेशा से इंसान को आकर्षित करती आई हैं। ऐसी ही एक दुर्लभ और मनमोहक घटना है “ब्लड मून” या “रक्त चंद्र“। साल 2025 में एक बार फिर यह अद्भुत नज़ारा देखने को मिलेगा, जब पूरा चाँद ख़ून जैसा लाल दिखाई देगा। आइए जानते हैं यह कब घटित होगा और भारत में इसका क्या प्रभाव रहेगा।
क्या है यह ब्लड मून और क्यों यह लाल दिखाई देता है?
वैज्ञानिक भाषा में, ब्लड मून एक पूर्ण चंद्रग्रहण है। यह तब होता है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह ढक लेती है। चंद्रमा पर सीधे सूर्य की किरणें न पड़ने के बावजूद पृथ्वी के वायुमंडल से होकर कुछ सूर्यकिरणें चंद्रमा की सतह पर पहुँचती हैं। हमारा वायुमंडल सूर्यकिरणों में से नीले रंग को बिखेर देता है, लेकिन लाल रंग की रोशनी को पार होने देता है और वही चंद्रमा पर पड़ती है। इसी कारण पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा तांबे के रंग या गहरे लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे “ब्लड मून” कहा जाता है।
साल 2025 में कब दिखाई देगा ब्लड मून?
ज्योतिविदों की गणना के अनुसार, साल 2025 के सितंबर 7/8 तारीख़ को यह पूर्ण चंद्रग्रहण या ब्लड मून दिखाई देगा। यह 2025 का पहला और एकमात्र पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। उस दिन चंद्रमा धीरे-धीरे पृथ्वी की छाया में प्रवेश करेगा और कुछ समय के लिए एक रक्तिम आभा धारण करेगा।
भारत में दिखाई देगा क्या यह ब्लड मून?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत के लोग इस खगोलीय दृश्य को देख पाएंगे या नहीं? यह पूर्ण चंद्रग्रहण भारत में दिखाई देगा। इसके साथ ही एशिया, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कुछ हिस्सों में भी नज़र आएगा। भारत के लोग इस खगोलीय दृश्य को रात 11 बजे से 12:22 बजे तक देख पाएंगे। यह लगभग 82 मिनट तक पूरा चाँद लाल रंग में डूबा रहेगा।
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