SBI ग्राहकों के लिए बड़ी खबर: स्टेट बैंक अपने इमीडिएट पेमेंट सर्विस के जरिए ऑनलाइन पैसे भेजने के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। यह बदलाव खास तौर पर रिटेल ग्राहकों के लिए होगा। इसके साथ ही कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए भी यह नियम 8 सितंबर से लागू होगा, जिससे एसबीआई के 40 करोड़ यूजर्स प्रभावित होंगे।

SBI ग्राहकों के लिए बड़ी खबर
क्या आपका एसबीआई में खाता है? अगर आपका एसबीआई खाता है, तो आपके लिए बड़ी खबर है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई अपने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन नियमों में कुछ बदलाव करने जा रहा है, जिसका सीधा असर एसबीआई ग्राहकों पर पड़ेगा। स्टेट बैंक अपने इमीडिएट पेमेंट सर्विस के जरिए ऑनलाइन पैसे भेजने के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। यह बदलाव खास तौर पर रिटेल ग्राहकों के लिए होगा। इसके साथ ही कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए भी यह नियम 8 सितंबर से लागू होगा, जिससे एसबीआई के 40 करोड़ यूजर्स प्रभावित होंगे।
आमतौर पर इमीडिएट पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल ऑनलाइन पैसे भेजने के लिए किया जाता है। लेकिन अब इसके लिए ग्राहकों को ज्यादा पैसे देने होंगे। छोटे-मोटे ट्रांजैक्शन को छोड़ दें, अगर आप एसबीआई इंटरनेट बैंकिंग और योनो के जरिए ट्रांजैक्शन कर रहे हैं, तो आपको इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। तो आइए जानें, किन ट्रांजैक्शन के लिए कितना शुल्क देना पड़ेगा।
25 हजार से 1 लाख रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर 2 रुपये + जीएसटी देना होगा।
1 लाख रुपये से 2 लाख रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर 6 रुपये + जीएसटी देना होगा।
2 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर 10 रुपये + जीएसटी देना होगा।
यह शुल्क केवल ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, जैसे कि इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के लिए लागू होगा। लेकिन अगर आप भारतीय स्टेट बैंक की किसी शाखा में जाकर लेन-देन करते हैं, तो हज़ार रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर आपको कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। हालांकि, हज़ार रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर आपको इसके लिए अतिरिक्त चार्ज देना पड़ेगा।
1 हज़ार रुपये से 10 हज़ार रुपये तक के लेन-देन पर 2 रुपये + जीएसटी।
10 हज़ार रुपये से 25 हज़ार रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर 4 रुपये + जीएसटी।
25 हज़ार रुपये से 1 लाख रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर 4 रुपये + जीएसटी।
1 लाख रुपये से 2 लाख रुपये तक के लेन-देन पर 12 रुपये + जीएसटी।
2 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक के लेन-देन पर 20 रुपये + जीएसटी।
एसबीआई ने अपने कुछ स्पेशल सैलरी अकाउंट के लिए इस शुल्क को माफ कर दिया है। डिफेंस सैलरी अकाउंट के साथ पुलिस सैलरी पैकेज, केंद्र सरकार के सैलरी पैकेज और शहीदों के पेंशन अकाउंट को इसमें से बाहर रखा गया है। हालांकि, 8 सितंबर से यह नियम कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए लागू होगा, जिसका सीधा असर एसबीआई ग्राहकों पर पड़ेगा।
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