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EPFO Update: नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मिलेगा बड़ा फायदा!

EPFO Update: वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि कर्मचारी की मृत्यु के छह महीने के भीतर खाते में धनराशि जमा कर दी जाती है और उसका नाम नियोक्ता के रिकॉर्ड में है, तो उसका परिवार लाभ के लिए पात्र होगा।

EPFO Update

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ईपीएफओ का नया ऐलान। आपको क्या जानना ज़रूरी है? क्योंकि ईपीएफओ ने घोषणा की है कि अगर 1 साल तक लगातार सेवा देने वालों की किसी भी परिस्थिति में मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवारों को 50,000 रुपये मिलेंगे। बताया जा रहा है कि ईपीएफओ ने परिवार की आर्थिक मदद के लिए यह फैसला लिया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन या ईपीएफओ ने अपनी कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा (ईडीएलआई) योजना में एक अहम बदलाव की घोषणा की है। पहले, नौकरी के पहले साल में ही मरने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए न्यूनतम बीमा राशि का कोई प्रावधान नहीं था। लेकिन इसमें संशोधन किया गया है। बताया जाता है कि हर साल लगभग 5,000 कर्मचारी इसी तरह मर जाते थे। जिसके कारण उन्हें कोई सीधा लाभ नहीं मिलता था। लेकिन अब उनके परिवारों को सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

EDLI योजना क्या है?

ईडीएलआई (Employees, Deposit Linked Insurance) योजना, ईपीएफओ द्वारा संचालित एक बीमा योजना है। यह निजी क्षेत्र के वेतनभोगी कर्मचारियों को जीवन बीमा कवर प्रदान करती है। सेवा के दौरान किसी सक्रिय सदस्य की मृत्यु होने पर, उसके कानूनी उत्तराधिकारियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। बताया गया है कि इस योजना के तहत अधिकतम 7 लाख रुपये की बीमा राशि उपलब्ध है।
महत्वपूर्ण संशोधन:

पहले के नियमों के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी का ईपीएफ खाता उसकी मृत्यु से कुछ समय पहले फ्रीज कर दिया जाता था, तो उसका परिवार ईडीएलआई के लाभों से वंचित रह जाता था। लेकिन मौजूदा नियमों के अनुसार, अगर कर्मचारी की मृत्यु के छह महीने के भीतर खाते में पैसा जमा हो जाता है और उसका नाम नियोक्ता के रिकॉर्ड में दर्ज है, तो उसका परिवार लाभ के लिए पात्र होगा। इस फैसले से हर साल लगभग 14,000 परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पहले, लगातार एक हफ़्ते या उससे ज़्यादा की छुट्टी लेने वाले कर्मचारियों को कई लाभों से वंचित रखा जाता था। लेकिन अब इस नियम में बदलाव किया गया है। नए नियम के अनुसार, दो नौकरियों के बीच 60 दिनों तक के अंतराल को निरंतर सेवा माना जाएगा। इससे ज़्यादा परिवार ज़्यादा बीमा प्रीमियम के लिए पात्र हो जाएँगे।

बताया जा रहा है कि कई कर्मचारियों को ईपीएफ का लाभ मिल रहा था, लेकिन नियमों में बदलाव के कारण कई लोग इससे वंचित रह गए थे। लेकिन अब नियम फिर से बदलने से कर्मचारी काफी खुश हैं।

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