Cyclone Montha तटीय क्षेत्रों में मौसम अस्थिर हो गया है चक्रवाती तूफान “मंथा” अब भयावह रूप लेने की राह पर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस चक्रवात के आंध्र प्रदेश के तट पर मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच, काकीनाडा क्षेत्र के पास, आगामी मंगलवार की शाम या रात तक दस्तक देने की संभावना है। हवा की गति 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है, जिसे “गंभीर चक्रवाती तूफान” (Severe Cyclonic Storm) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। IMD की ओर से राज्य के 16 ज़िलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

Cyclone Montha की सरकारी तैयारी
मुख्यमंत्री N.चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को ये निर्देश दिए तत्काल निकासी (Immediate Evacuation) तटीय क्षेत्रों के सभी कमज़ोर गाँव और बस्तियों को बिना देर किए सुरक्षित आश्रय शिविरों में पहुँचाया जाए। काकीनाडा और कोनासीमा क्षेत्रों में अब तक 10,000 से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है। निकासी किए गए लोगों में 126 गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से अस्पतालों में भेजा गया है, ताकि उन्हें सुरक्षित प्रसव सुविधा मिल सके। पड़ोसी राज्य ओडिशा सरकार ने भी दक्षिण ओडिशा के 8 ज़िलों में रेड अलर्ट जारी किया है। ओडिशा में भी चक्रवात से बचाव के लिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की तैयारी ज़ोरों पर है।
Cyclone Montha बारिश और हवा का तांडव
मंथा के कारण आंध्र और ओडिशा के कई ज़िलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। तेज़ हवाओं और बज्रपात गिरने के चलते बिजली और कनेक्टिविटी व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पूर्वी तट रेलवे (East Coast Railway) ने घोषणा की है कि वालटेयर क्षेत्र और संबंधित रूटों पर कुल 32 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। कुछ ट्रेनों का रास्ता बदला गया है और कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया है।
जनसाधारण के लिए सतर्कता संदेश
चक्रवात के समय समुद्र अत्यंत उग्र रूप ले लेता है। ऊँचा ज्वार, प्रचण्ड लहरें और तेज़ हवाएँ तटीय क्षेत्रों में ख़तरा पैदा करती हैं। मछुआरे पूरी तरह से समुद्र में जाने से परहेज करें। जो लोग तट के पास रह रहे हैं, वे भी तुरंत सुरक्षित आश्रय स्थलों पर चले जाएँ। किसी भी परिस्थिति में किनारे के पास खड़े न हों या ख़तरा देखने की कोशिश न करें। याद रखें, जीवन सबसे मूल्यवान है। तेज़ हवा और बारिश के कारण कई जगहों पर बिजली के खंभे और तार टूट सकते हैं। इस समय बिजली के तार खतरनाक हो सकते हैं। ज़मीन पर पड़े हुए या लटके हुए किसी भी तार के नज़दीक न जाएँ। बिजली की आपूर्ति (सप्लाई) बंद होने पर भी सावधान रहें। यदि आप कोई क्षतिग्रस्त बिजली का तार देखते हैं, तो तुरंत स्थानीय बिजली विभाग या ज़िला नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। खतरे के समय सही जानकारी ही आपको सुरक्षा दे सकती है। सभी लोग केवल भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और राज्य सरकार द्वारा दिए गए आधिकारिक दिशानिर्देशों पर ही नज़र रखें। अफ़वाहों पर विश्वास न करें और न ही उनका प्रचार करें। लगातार रेडियो या टीवी से ख़बरें सुनते रहें और समय पर अपने कदम बदलें (यानी, निर्देशों के अनुसार कार्य करें।
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