Online Gambling Ban: बिल के अनुसार, कोई भी बैंक या वित्तीय संस्था ऑनलाइन मनी गेम्स को पैसे ट्रांसफ़र नहीं कर पाएगी। ऑनलाइन जुआ विज्ञापनों और प्रमोशन पर रोक लगेगी। विज्ञापन और प्रमोशन करना अपराध माना जाएगा।

Online Gambling Ban
पैसे लगाकर ऑनलाइन गेम खेलना अब दंडनीय अपराध होगा। इसको लेकर आज केंद्र कैबिनेट ने बड़ा फ़ैसला लिया है। केंद्र कैबिनेट ने आज ऑनलाइन गेम्स बिल को मंज़ूरी दे दी है। बिल के अनुसार, ऑनलाइन जुआखेल और इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन पर प्रतिबंध लगेगा। ऑनलाइन जुआ पहले से ही टैक्स के दायरे में है। कल यह बिल लोकसभा में पेश किया जाएगा। बिल के अनुसार, कोई भी बैंक या वित्तीय संस्था ऑनलाइन मनी गेम्स को पैसे ट्रांसफ़र नहीं कर पाएगी। ऑनलाइन जुआ विज्ञापन और प्रमोशन पर रोक लगेगी। विज्ञापन और प्रमोशन करना अपराध माना जाएगा। गैर-पंजीकृत प्लेटफ़ॉर्म पर प्रतिबंध लगेगा। ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर 28% जीएसटी लागू होगा। विदेशी गेमिंग ऑपरेटर भी टैक्स नेटवर्क के दायरे में आएंगे। अवैध ऐप्स के कारण लोग करोड़ों रुपये की ठगी का शिकार हो रहे हैं। कोई भी सेलिब्रिटी ऐसे ऐप्स का विज्ञापन नहीं कर पाएगा।
ऑनलाइन जुआ ऐप्स पर लगभग 22 करोड़ भारतीय यूज़र्स हैं। कानून का उल्लंघन करने पर कड़ी सज़ा मिलेगी। अधिकतम 1 करोड़ रुपये का जुर्माना या 3 साल की जेल या दोनों हो सकते हैं। विज्ञापन करने पर 2 साल की जेल या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। निगरानी के लिए एक संस्था भी गठित होगी। इनमें से 11 करोड़ नियमित यूज़र्स हैं। भारत के बाज़ार में ऑनलाइन जुआ बाज़ार लगभग 10 हज़ार करोड़ डॉलर का है। सरकार ई-स्पोर्ट्स को प्रोत्साहन देगी।
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