ट्रैफिक नियमों में बड़ा बदलाव: दिल्ली में दिन-प्रतिदिन प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। स्थिति बिगड़ने के कारण सरकार ने ऑड-ईवन लागू किया है। इसके बाद भी पुरानी गाड़ियों को शहर से पूरी तरह प्रतिबंधित करने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं।

ट्रैफिक नियमों में बड़ा बदलाव
सड़क पर अब नहीं चलेंगी पुरानी गाड़ियां। इसको लेकर दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया था। केवल फैसला ही नहीं लिया बल्कि पुरानी गाड़ियों पर भारी जुर्माना लगाने का भी निर्देश जारी किया गया था। खासकर पेट्रोल पंप पर पुरानी गाड़ी देखते ही तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया था। इसे लेकर जबरदस्त असंतोष देखने को मिला। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। आखिरकार कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि फिलहाल पुरानी गाड़ियों पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। यानी 4 सप्ताह तक जुर्माने से छूट दी जाएगी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है।
पुरानी गाड़ी मालिकों के लिए बड़ी राहत।4 सप्ताह तक नहीं होगी कोई कार्रवाई। दिल्ली सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस।
दिल्ली सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस। अब पुरानी गाड़ियों से नहीं वसूला जाएगा जुर्माना
दिल्ली में दिन-प्रतिदिन प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। स्थिति बिगड़ने के कारण सरकार ने ऑड-ईवन लागू किया है। इसके बाद भी सरकार ने पुराने वाहनों को शहर से पूरी तरह हटाने का निर्देश दिया। हालांकि, इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए 4 सप्ताह की मोहलत दी है। मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की अध्यक्षता में गठित एक पीठ ने दिल्ली सरकार द्वारा दायर एक आवेदन की सुनवाई कर यह अंतरिम आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार ने क्या दलील दी
पुरानी गाड़ियों पर बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार ने अपना पक्ष रखा। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि केवल गाड़ी की उम्र के आधार पर सामूहिक प्रतिबंध लगाना बिल्कुल सही नहीं है। सरकार की तरफ से कहा गया कि यह जानना जरूरी है कि कोई गाड़ी सड़क पर चलने लायक फिट है या नहीं, इसके लिए उसकी वास्तविक स्थिति का आकलन होना चाहिए। कई पुरानी गाड़ियां अब भी अच्छी स्थिति में हैं, इसलिए इस पर विचार-विमर्श करना जरूरी है।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट?
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के तर्क को विचार में लेते हुए एक अंतरिम आदेश जारी किया है। पीठ ने कहा कि फिलहाल डीज़ल वाहनों के मामले में 10 वर्ष और पेट्रोल वाहनों के मामले में 15 वर्ष पुराने होने के बाद भी मालिकों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस मामले में केंद्र सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को भी नोटिस जारी किया गया है और सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला दिल्ली-एनसीआर के हज़ारों वाहन मालिकों के लिए राहत लेकर आया है। अब पुरानी गाड़ियां सड़कों पर चलने पर भी कोई जुर्माना नहीं देना पड़ेगा।
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