कुत्ते के काटने की सच्ची घटना : अगर आपके घर में कुत्ता है, तो सावधान रहें। आपको कुत्ते के काटने से रेबीज़ संक्रमण हो सकता है और आपकी मौत भी हो सकती है। अपने पालतू जानवरों का समय पर टीकाकरण करवाकर सावधानी बरतें।

कुत्ते के काटने की सच्ची घटना
रेबीज़ एक जानलेवा बीमारी है। सभी जानते हैं कि रेबीज़ आमतौर पर पागल कुत्तों और लोमड़ियों के काटने से होता है, लेकिन घर में पाले गए कुत्ते भी जानलेवा हो सकते हैं। कई शोधों से पता चला है कि घर में पाले गए कुत्तों में भी रेबीज़ वायरस होता है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के एक कबड्डी खिलाड़ी की मौत के बाद रेबीज़ का डर और बढ़ गया है। समय के साथ इंसान की जीवनशैली भी बदल गई है। घर में दूसरे जानवरों के साथ-साथ देसी और विदेशी कुत्तों को रखना भी आम बात हो गई है। परिवार के सदस्यों की तरह, पालतू कुत्ते भी एक ही बिस्तर पर खेलते और सोते हैं। वे घर में पड़ी प्लास्टिक की गेंद, डिब्बे और तौलिये को भी कुतर देते हैं। इससे उनकी लार इंसानों के संपर्क में आती है और रेबीज होने का खतरा रहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह बीमारी सिर्फ़ आवारा और पागल कुत्तों से ही नहीं, बल्कि घर में रहने वाले पालतू कुत्तों से भी फैल सकती है। हाल ही में, उत्तर प्रदेश के 22 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी बृजेश सोलंकी की रेबीज के कारण हुई मौत के बाद रेबीज चर्चा में आ गया है।

Dog vacsin photography: (Google)
कुत्तों के काटने की घटनाएँ दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं और जागरूकता की कमी के कारण रेबीज़ से होने वाली मौतों की संख्या भी बढ़ रही है। कुछ लोगों में यह भ्रांति है कि रेबीज़ केवल पागल कुत्ते के काटने पर ही होता है। इसीलिए अक्सर लोग अपने पालतू कुत्ते के काटने पर टीका नहीं लगवाते, जिससे भविष्य में ख़तरा पैदा हो सकता है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर साल रेबीज़ के कारण 5,700 लोगों की मौत होती है। इस बीच, केंद्र सरकार ने 2030 तक देश को रेबीज़ मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।
2030 तक भारत ‘दस्त मुक्त’ होगा
-विश्व स्वास्थ्य संगठन की मदद से दस्त मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य
-दस्त के खिलाफ मुफ्त टीकाकरण प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराया जा रहा है
-कुत्तों के कृमि मुक्ति और टीकाकरण कार्यक्रम
-ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान
-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन चिकित्सा उपचार प्रणाली
चाहे आवारा कुत्ता हो या पालतू कुत्ता, जब भी कोई कुत्ता आपको काटे, तुरंत टीका लगवाना ज़रूरी है। इससे भविष्य में काटने की भयावहता से बचने में मदद मिलेगी।
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