Shibu Soren death: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विपक्षी नेताओं ने अस्पताल में श्रद्धांजलि अर्पित की

Shibu Soren death
दूसरी ओर, झामुमो के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कल उनके पैतृक आवास पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। शिबू सोरेन आदिवासियों की आस्था, विश्वास और अधिकारों के संघर्ष के महानायक थे। कभी उन्होंने जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया, तो कभी अधिकारों के संघर्ष के लिए जेल गए। शिबू सोरेन झारखंड की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा हैं। गुरुजी के नाम से मशहूर शिबू सोरेन का 81 वर्ष की आयु में निधन राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा कर गया है। दिल्ली के गंगा राम अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। कल झारखंड के रामगढ़ स्थित उनके पैतृक आवास पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी, 1944 को हुआ था।
- उन्होंने 1970 में झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी का गठन किया।
- शिबू बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य के गठन के अगुआ थे।
- 30 साल के संघर्ष के बाद 2000 में झारखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला।
- 1980 से 2014 के बीच 8 बार लोकसभा सांसद चुने गए।
- दो बार राज्यसभा सांसद रहे।
- 2004 में यूपीए सरकार के दौरान कैबिनेट मंत्री रहे।
एक राजनेता के रूप में शिबू ने न केवल शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक राष्ट्रीय राजनीति में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई, बल्कि आदिवासियों की अस्मिता को नई पहचान दिलाने में भी अद्वितीय योगदान दिया।
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