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Lipstick Cancer Risk: क्या लिपस्टिक से होता है कैंसर? डॉक्टरों की राय चौंका देगी!

Lipstick Cancer Risk: कई लोगों की धारणा है कि लिपस्टिक जितनी महंगी और मशहूर ब्रांड की होती है, उसे उतना ही सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि ऐसी लिपस्टिक कई तरह की क्वालिटी टेस्ट को पास करके तैयार की जाती है।

Lipstick Cancer Risk

Lipstick Cancer Risk

लिपस्टिक महिलाओं के मेकअप रूटीन का एक अहम हिस्सा होती है। चाहे कॉलेज जाना हो या ऑफिस, बाजार जाना हो या किसी पार्टी में शिरकत करनी हो, महिलाएं लिपस्टिक को ज़्यादा तवज्जो देती हैं। लिपस्टिक लगाने से होंठ हाईलाइट होते हैं, जिससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है। चूंकि इसे होंठों पर लगाया जाता है, यह अक्सर शरीर के अंदर पहुंच जाता है, जिससे सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। कई लोगों की धारणा है कि लिपस्टिक जितनी महंगी और मशहूर ब्रांड की होती है, उसे उतना ही सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि ऐसी लिपस्टिक कई तरह की क्वालिटी टेस्ट को पास करके तैयार की

Lipstick photography: (Google)

वहीं दूसरी ओर, अगर लोकल ब्रांड्स की बात करें तो ये बिना किसी जांच के सीधे बाज़ार में बिकने के लिए आ जाते हैं, जिससे इनमें हानिकारक पदार्थों के इस्तेमाल की आशंका बढ़ जाती है और आगे चलकर ये कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। ऐसे में एक महिला के लिए लिपस्टिक का चयन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए जानें। डॉक्टरों के अनुसार, जब महिलाओं को लिपस्टिक और उसमें मौजूद इंग्रीडिएंट्स को चुनने की बात आती है, तब उन्हें कुछ खास बातों पर ज़रूर ध्यान देना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी, खासकर कैंसर से संबंधित खतरे से बचा जा सके।

लिपस्टिक खरीदते समय किन बातों पर ध्यान दें?

1 पैराबेन: पैराबेन एक प्रिज़रवेटिव होता है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर लिपस्टिक के अलावा अन्य कई कॉस्मेटिक उत्पादों में भी किया जाता है। कुछ अध्ययनों में पैराबेन को ब्रेस्ट कैंसर और फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं से जोड़ा गया है। इसलिए पैराबेन-फ्री लिपस्टिक का इस्तेमाल करना चाहिए।

2 एलर्जी: आमतौर पर लिपस्टिक में पाए जाने वाले कुछ इंग्रीडिएंट्स एलर्जी का कारण बन सकते हैं, जिनमें खुशबू (फ्रेगरेंस), लैनोलिन और कुछ रंग (कलर) शामिल होते हैं। राहुल का कहना है कि लिपस्टिक चुनने से पहले अपनी एलर्जी के बारे में अच्छी तरह जान लें और खरीदने से पहले प्रोडक्ट के लेबल को ज़रूर चेक करें।

3 भारी धातुएं: कुछ लिपस्टिक में लेड, कैडमियम और मरकरी जैसी भारी धातुओं की मात्रा पाई जा सकती है। ये धातुएं स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती हैं, खासकर अगर गलती से निगल ली जाएं। इसलिए ऐसी लिपस्टिक का चुनाव करें, जो हेवी मेटल टेस्टिंग से होकर गुज़री हो।

4 पेट्रोकेमिकल्स: कुछ लिपस्टिक में पेट्रोलियम-युक्त तत्व पाए जाते हैं, जैसे कि मिनरल ऑयल या पेट्रोलियम। हालांकि, एक ओर ये इंग्रीडिएंट्स होंठों को मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक इसके इस्तेमाल के प्रभाव को लेकर विवाद जारी है। यदि आप पेट्रोलियम-बेस्ड प्रोडक्ट्स से बचना चाहती हैं, तो ऐसी लिपस्टिक चुनें जिसमें प्लांट-बेस्ड ऑयल का इस्तेमाल किया गया हो।

5 वीगन: कुछ लिपस्टिक में कारमाइन का इस्तेमाल किया जाता है, जो जानवरों की चर्बी से या कुचले गए कीटों से तैयार किया जाता है। ऐसे में यदि आप शाकाहारी जीवनशैली का पालन करते हैं, तो लिपस्टिक इस्तेमाल करने से पहले उसके इंग्रीडिएंट्स की सूची को ज़रूर जांच लें।

Lipstick photography: (Google)

लिपस्टिक के नियमित इस्तेमाल से क्या नुकसान हो सकता है?

लिपस्टिक में उपयोग किए गए लेड से हृदय और मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।लिपस्टिक में मौजूद प्रिज़रवेटिव से स्तन कैंसर हो सकता है।लिपस्टिक में मौजूद कैडमियम से किडनी फेल हो सकती है।गर्भावस्था के दौरान लेड विषाक्त साबित हो सकता है।लेड के कारण बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

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