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Achyut Potdar Death: फिल्म 3 Idiots के प्रोफेसर अच्युत पोटदार नहीं रहे, याद आएगा उनका डायलॉग।

Achyut Potdar Death: लोकप्रिय अभिनेता अच्युत पोटदार का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। 18 अगस्त को उन्हें मुंबई के ठाणे स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली। अभिनेता उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे और आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

Achyut Potdar Death

Achyut Potdar Deathयाद आएगा उनका डायलॉग।

मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद खबर आ रही है। लोकप्रिय अभिनेता अच्युत पोटदार का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। 18 अगस्त को उन्हें मुंबई के ठाणे स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली। अभिनेता उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे और आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

actor Achyut Potdar Photograph: (google)

अच्युत पोटदार टेलीविजन और बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता थे। अभिनेता की मृत्यु की खबर से उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने हिंदी सिनेमा के अलावा मराठी इंडस्ट्री में भी अपनी पहचान बनाई थी। वह एक दक्ष कलाकार थे, जो अपने अभिनय से लोगों का दिल जीतना बखूबी जानते थे। अच्युत पोटदार ने अपने अभिनय करियर में लगभग 125 से अधिक फिल्मों में काम किया। इनमें हिंदी, मराठी और अन्य भाषाओं की फिल्में शामिल थीं। अभिनेता को ‘अर्ध सत्य’, ‘तेजाब’, ‘दिलवाले’, ‘वास्तव’, ‘परिणीता’, ‘दबंग’, ‘थ्री इडियट्स’ और ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ जैसी फिल्मों में देखा गया था।

actor Achyut Potdar Photograph: (google)

आमिर खान स्टारर फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ में उन्होंने एक प्रोफेसर की भूमिका निभाई थी। फिल्म में उनका डायलॉग “अरे कहना क्या चाहते हो” काफी लोकप्रिय हुआ था। आज भी ज्यादातर लोग उन्हें इसी डायलॉग से पहचानते हैं। फिल्म में उनकी भूमिका छोटी जरूर थी, लेकिन मज़ेदार थी, जिसने आज तक फैंस के दिलों में जगह बनाई हुई है। अच्युत ने मध्य प्रदेश में प्रोफेसर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय सेना में कैप्टन के तौर पर देश की सेवा की। कई वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद उन्होंने 1967 में सेना से रिटायरमेंट लिया। इसके बाद लगभग 25 वर्षों तक उन्होंने इंडियन ऑयल कंपनी में काम किया। 44 साल की उम्र में उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। 80 के दशक में उन्होंने बड़े पर्दे पर अपनी छाप छोड़ दी। फिल्मों के बाद उन्होंने टीवी की दुनिया में प्रवेश किया। टीवी पर उन्होंने ‘वागले की दुनिया’, ‘मिसेज़ तेंडुलकर’, ‘माझा होशील ना’ और ‘भारत की खोज’ जैसे शोज़ में काम किया। भूमिका चाहे छोटी हो या बड़ी, वे हर किरदार में खुद को पूरी तरह ढाल लेते थे।

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