6G India Launch: तेज़ी से 6G सेवा को विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है। जहाँ 2040 तक भारत अंतरिक्ष दुनिया का सम्राट बनने की तैयारी कर रहा है, वहीं 2030 तक दुनिया का टेक लीडर बनने का सपना भी देख रहा है।

6G India Launch
भारत में 5G टेक्नोलॉजी सफल होने के बाद अब देश 6G सेवा की ओर बढ़ना शुरू कर चुका है। तेजी से 6G सेवा को विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है। जहाँ 2040 तक भारत अंतरिक्ष दुनिया का सम्राट बनने की तैयारी कर रहा है, वहीं 2030 तक दुनिया का टेक लीडर बनने का सपना भी देख रहा है। भारत को विश्वगुरु का उदाहरण देते हुए इस दूरदृष्टि को प्रधानमंत्री मोदी ने प्रस्तुत किया है। मोदी ने भारत में 6G को लेकर बड़ा अपडेट दिया है।

6G Photograph: (google)
प्रधानमंत्री ने कहा है कि अगस्त 2024 में ‘मेड इन इंडिया’ 6जी टेक्नोलॉजी विकसित करने की घोषणा की गई थी। इस पर तेज़ी से काम भी चल रहा है और 2025 के अंत तक पहला स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च किया जाएगा। भारत 6जी तकनीक के साथ न सिर्फ डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देगा बल्कि वर्ल्ड टेलीकॉम सेक्टर में भी अग्रणी बन सकेगा। भारत सरकार ने मार्च 2023 में ‘भारत 6जी विज़न’ प्रस्तावित किया था। जिसमें कहा गया था कि सरकार का लक्ष्य लोगों को सस्ती, बेहतरीन और अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी प्रदान करना है, जिससे आपसी संवाद और डिजिटल वर्किंग क्षमता बढ़ेगी।

Narendra modi Photograph: (google)
राष्ट्रीय मीडिया की जानकारी के अनुसार 6G टेक्नोलॉजी यूजर्स को हाई-स्पीड इंटरनेट के साथ लगभग 1 टीबी प्रति सेकंड डाटा स्पीड मिलेगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नेटवर्क के साथ सैटेलाइट आधारित कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। हाई बैंडविड्थ और स्पीड के लिए 6G टेक्नोलॉजी में टेराहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक के जरिए ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य केंद्र सरकार ने तय किया है।साइबर सुरक्षा के साथ रियल-टाइम एप्लिकेशंस, मेटावर्स और होलोग्राफिक कम्युनिकेशन भी संभव हो पाएगा। 6G टेक्नोलॉजी पर काम करने के लिए 6G इनोवेशन ग्रुप का गठन 1 नवंबर 2021 को किया गया था, जिसमें इंडस्ट्री, शैक्षणिक संस्थान, रिसर्च संगठन और सरकार शामिल हैं। इस ग्रुप ने ही 6G टेक्नोलॉजी के लिए रोडमैप और वर्क ड्राफ्ट तैयार किया है। इस ग्रुप का लक्ष्य 6 टास्क फोर्स पर काम करना है — मल्टी-डिसिप्लिनरी सॉल्यूशन्स, स्पेक्ट्रम, डिवाइस और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स। भारत 6G एलायंस* 3 जुलाई 2023 को गठित हुआ, जो इंडस्ट्री, शैक्षणिक संस्थान और रिसर्च संगठनों का सहयोगी मंच है।
यह एलायंस दुनिया भर में 6G टेक्नोलॉजी तैयार कर रही कंपनियों के साथ MoU साइन करना चाहता है, ताकि भारत भी अपना योगदान दे सके। 2023 में हुई G20 समिट में 6G टेक्नोलॉजी को लेकर भारत-अमेरिका समझौता और वर्ल्ड 6G ऑर्गेनाइजेशन के साथ भी समझौता हो चुका है। देश के सभी 6 IITs के सहयोग से 6G टेस्टबेड तैयार किया गया है, जिसके लिए 2240 मिलियन का निवेश किया गया है। टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TTDF) अक्टूबर 2022 में लॉन्च किया गया था, जिसके तहत 275.88 करोड़ रुपये में 104 प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा, 100 5G लैब्स तैयार की गई हैं, जो 6G की लॉन्चिंग के लिए मैनपावर तैयार करने और रिसर्च करने का काम करेंगी।
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