कामयाबी की राह में कांटे बिछा रहा चीन भारत अपने पड़ोसी चीन के साथ संबंध सुधारने की कितनी भी कोशिश कर ले, धोखेबाज़ चीन अपनी धोखेबाज़ी से बाज नहीं आ रहा। दुनिया में भारत का बढ़ता दबदबा और चीन का विकल्प बनने की उसकी कोशिशें उसके पड़ोसी चीन को रास नहीं आ रही हैं। इसलिए चीन ने एक ऐसी चाल चली है, जिससे भारत को 2.75 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा। इसलिए उद्योग जगत ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है, ताकि आने वाले खतरे को समय से पहले टाला जा सके।

कामयाबी की राह में कांटे बिछा रहा चीन
उद्योग संगठन इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) ने सरकार से आग्रह किया है कि चीन ने हमारे स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरणों का निर्यात रोक दिया है। इससे देश का 2.75 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन खतरे में पड़ गया है। उद्योगों में उत्पादन में गिरावट से देश के निर्यात पर गंभीर संकट आ सकता है। चीन की इस कार्रवाई का एकमात्र उद्देश्य भारत की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करना और वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत के उदय को कमजोर करना है। चीन के इस प्रतिबंध के कारण कंपनियों की लागत बढ़ रही है।
चीन के इस कदम के पीछे भारत का तेज़ी से बढ़ता निर्यात है। भारत में स्मार्टफ़ोन का उत्पादन 2020 से बढ़ा है और वित्त वर्ष 2025 में देश ने 64 अरब डॉलर के उत्पाद बनाए, जिनमें से 24.1 अरब डॉलर का निर्यात किया गया। वित्त वर्ष 2015 में भारत स्मार्टफ़ोन निर्यात में 167वें स्थान पर था, लेकिन अब एक प्रमुख निर्यातक बन गया है। 2026 तक निर्यात 32 अरब डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए, चीन
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