ऑपरेशन महादेव सेना द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन महादेव’ ने आतंकी खेमे में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। इस ऑपरेशन के तहत पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा समेत कई कुख्यात आतंकियों का सफाया कर दिया गया है।

ऑपरेशन महादेव
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना की कड़ी कार्रवाई जारी है। सेना द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन महादेव‘ ने आतंकी खेमे में खौफ पैदा कर दिया है। इस ऑपरेशन के तहत पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा समेत कई कुख्यात आतंकियों का सफाया किया जा चुका है।
ऑपरेशन महादेव’ क्या था?
ऑपरेशन महादेव, कश्मीर घाटी में छिपे आतंकवादियों की तलाश और सफाया करने के लिए भारतीय सेना द्वारा शुरू किया गया एक विशेष सैन्य अभियान है। सुरक्षा बलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड हाशिम मूसा अपने कुछ साथियों के साथ श्रीनगर के पास दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के घने जंगलों में छिपा हुआ है। इस सूचना के बाद, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन महादेव’ शुरू किया। घने जंगलों और दुर्गम इलाकों के कारण यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण था। सुरक्षा बलों द्वारा इलाके की घेराबंदी करने के बाद, आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। लंबी चली मुठभेड़ में हाशिम मूसा मारा गया।
सैन्य अभियानों का नामकरण कौन और कैसे करता है?
किसी सैन्य अभियान का नामकरण एक रोचक और गोपनीय प्रक्रिया है। इसके लिए कोई लिखित नियम नहीं हैं, लेकिन कुछ परंपराओं का पालन किया जाता है। अभियान का नामकरण इस तरह किया जाता है कि दुश्मन को उसके उद्देश्य, स्थान या समय का कोई सुराग न मिले। उदाहरण के लिए, ‘ऑपरेशन विजय’ (कारगिल युद्ध) या ‘ऑपरेशन मेघदूत’ (सियाचिन कब्ज़ा) जैसे नाम अभियान की सफलता के बाद सार्वजनिक किए गए। आमतौर पर, जिस यूनिट या कमांड स्तर पर अभियान की योजना बनाई जाती है, उसके वरिष्ठ अधिकारी ही इसका नामकरण करने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। कभी-कभी यह निर्णय सैन्य मामलों के विभाग या रक्षा मंत्रालय के उच्च स्तर पर भी लिया जाता है। खासकर जब अभियान बड़ा और महत्वपूर्ण हो।
ऑपरेशन का नाम कैसे चुना जाता है
अक्सर कोड वर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे ‘ऑपरेशन बंदर’ (बालाकोट हवाई हमला)। कभी-कभी सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए ‘विजय’, ‘शक्ति’, ‘पराक्रम’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। ‘ऑपरेशन महादेव’ जैसे नाम पौराणिक पात्रों या घटनाओं पर आधारित होते हैं, जो शक्ति और विनाश का प्रतीक हैं। इसी तरह, ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ या ‘ऑपरेशन तलवार’ भी इसके उदाहरण हैं। बाढ़ या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किए गए ऑपरेशनों के नाम ‘ऑपरेशन मैत्री’ (नेपाल भूकंप), ‘ऑपरेशन आउवा’ या ‘ऑपरेशन करुणा’ जैसे रखे जाते हैं, जो सेवा भावना का संकेत देते हैं। एमओईटी पर सैन्य अभियानों का नामकरण एक सुनियोजित प्रक्रिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य गोपनीयता बनाए रखना और अपने सैनिकों का उत्साहवर्धन करना है।
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